Tuesday, 22 August 2023

कवयित्री पिंकी अरविन्द प्रजापति सम्मानित


कवयित्री पिंकी अरविन्द प्रजापति को सम्मानित करते हुए विधायक और इंटरनेशनल एंबेसडर डॉ पूनम प्रजापति भारतीय 

 सिधौली सीतापुर उत्तर प्रदेश के टड़ई कला निवासी पिंकी अरविन्द प्रजापति व उनके पति अरविन्द कुमार प्रजापति को संतराम बी ए एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी ने शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के बलिदान दिवस पर  उत्कृष्ट काव्यपाठ के लिए  सम्मानित किया। पिंकी अरविन्द प्रजापति का दूसरे प्रदेश में यह पहला काव्यपाठ है ।  वह शृंगार की कवयित्री हैं । लेकिन उनकी अधिकांश रचनाएं देश और समाज की चिंता को व्यक्त करती हैं।  अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के जीवन को चरितार्थ करती कविता - नौतन हथिया गढ़ का बालक बना महान,देश प्रेम के वास्ते देदी अपनी जान। 

दिवस आज बलिदान का मना रहे तज काम,

रामचंद्र विद्यार्थी शत शत तुम्हें प्रणाम। जब उन्होंने सतना टाउन हॉल में पढ़ी तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कवयित्री पिंकी अरविन्द प्रजापति हुई सम्मानित

पिंकी अरविन्द प्रजापति सम्मानित 
कवयित्री पिंकी अरविन्द प्रजापति को विधायक और निशुल्क शिक्षा अभियान संयोजक इंटरनेशनल अंबेडर डॉ पूनम प्रजापति भारतीय सम्मानित करते हुए।


 

Thursday, 23 February 2023

सुमन चौहान के संघर्ष की कहानी

 संघर्ष से निकल कर पहचान बनाई है राजस्थानी शेरनी ने


रील की दुनिया से बिखेर रही है राजस्थानी संस्कृति



(रामकरण प्रजापति)

सूरतगढ। सुरतगढ़ क्षेत्र की सुमन चौहान अपने पति रामेश्वर चौहान से मिलकर टिकी एप्प के जरिए राजस्थानी कला भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रही है। गांव भगवानगढ़ श्रीगंगानगर की सुमन चौहान ने बताया उनकी शादी सोलह वर्ष की उमर में ही हो गई थी और उस के मा बाप सपना था मै सरकारी जॉब लगूं। आठवीं के बाद मैने ससुराल से राजकीय स्कूल और पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की। राजस्थानी गीतों, रंग मंच, नुक्कड़ नाटक के शौंक के चलते टिक टॉक पर रील बनानी शुरू की। भारत में टिक टॉक के बेन होने के बाद टिकी एप पर रील बनानी शुरू की और राजस्थानी कला संस्कृति को आगे बढ़ाया और राजस्थानी शेरनी चैनल बनाकर दर्शकों को राजस्थानी गीतों के जरिए जागरूक किया। एस आई और अन्य तयारी करने वाली सुमन चौहान उभरती हुई रील मेकर है और पूनम फाउंडेशन ट्रस्ट के जरिए ज़रूरतमंद परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा अभियान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। वे आजीविका हेतु ब्यूटी पार्लर और महिलाओ सम्बन्धी कार्यों को आगे बढ़ाकर अछा नाम कमा रही है। सुमन चौहान ने संघर्ष मयी जीवन जीते हुए मास्टर ऑफ आर्ट पूरी की और सभी को यही संदेश दिया जीवन में पढ़ाई बहुत जरूरी है।