Thursday, 12 June 2025
व्याख्याता गुरुसेवक सिंह ने दिया याद करने का फार्मूला......
व्याख्याता गुरसेवक सिंह ने दिया याद करने का फार्मूला..................
धरातल से जुड़े हैं आज भी और खेती किसानी करते हैं ।
क्रिकेट के जुनून और पिताजी की सीख ने बना दिया शिक्षक
(डॉ पूनम प्रजापति भारतीय)
पीलीबंगा/सूरतगढ़। पूनम फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित निःशुल्क शिक्षा केंद्र गांव 26 पीबीएन पीलीबंगा हनुमानगढ़ में गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 26 पीबीएन पीलीबंगा में हिंदी प्राध्यापक गुरसेवक सिंह ने विजिट किया और बच्चों को रोजाना अभ्यास करने का फार्मूला दिया। उन्होंने कहा की मनोविज्ञान के अनुसार एक बार में याद किया अध्याय एक घंटे में 72 प्रतिशत , छ: घंटे बाद 60प्रतिशत तक,24 घंटे बाद तक 40 प्रतिशत याद रहता है। अतः विद्यार्थी आगे का टॉपिक पढ़ने से पहले पिछला टॉपिक एक बार नॉर्मल जरूर पढ़ें ऐसा करने से वह लंबे समय तक याद रहेगा। निरंतर अभ्यास द्वारा ही कार्य सिद्धि संभव है।
उन्होंने बताया वे पढ़ाई में नॉर्मल विद्यार्थी थे गणित में कमजोर थे। 10 वीं क्लास में क्रिकेट के जुनून व घर की परिस्थितियों विपरीत होने के कारण के चलते पढ़ाई छोड़ने व मेरे क्रिकेट के जुनून के चलते मैने पिता जी को साफ बोल दिया मैं अब से खेती-बाड़ी करूंगा और क्रिकेट खेला करूंगा। पिताजी के बार- बार समझाने पर भी नहीं माना। पिताजी ने भी अपने समय में बीए कर रखी थी तथा पटवारी में चयन हुआ था हालांकि खेती बाड़ी अच्छी होने के कारण पटवारी की नौकरी को तवज्जो नहीं दी। पिताजी ने सीख देने के लिए नरमा के सीजन में मुझे स्प्रे करने की ढोलकी पीठ कर भरकर नरमा में स्प्रे करने को बोला शाम तक काफी थक चुका था। पिताजी ने अच्छी कंपनी का बल्ला लाकर दिया और कहा अब रोजाना काम करना और क्रिकेट खेलना।
मैने काफी दिनों बाद कहा खेती काफी कठिन है अब मैं पढूंगा दिसंबर के समय बोर्ड क्लास के फॉर्म भरे जा चुके थे फिर पिताजी ने कहा अगर पास हो गया तो आगे पढ़ेगा नहीं तो खेती ही करना। मैने जिला शिक्षा अधिकारी से गुहार लगाई और उनके माध्यम से फार्म भरा और पास हुआ।
आज भी पिताजी की वो सीख याद है और मैं आज भी अतिरिक्त समय में खेत में लग्न के साथ पिताजी के साथ खेती कार्य में सहयोग करता हूं । निरंतर मेहनत तथा कठिन परिश्रम से ही लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है । हालांकि प्रारंभ में परिस्थितियों अनुकूल नहीं होती, निरंतर प्रयास करते रहने से सफलता संभव है।
*भाटिया आश्रम सूरतगढ़ में गुरसेवक सिंह ने दी सेवाएं*
उन्होंने 10 वीं 2001 में, 12 वीं राउमावि लिखमीसर 2003में ,बीए इंदिरा गांधी मेमोरियल पीजी कॉलेज पीलीबंगा से 2006 में,बीएड आदर्श कॉलेज जम्मू से 2007 में, एमए राजनीति विज्ञान 2009 में, एमए हिंदी साहित्य 2013 (स्वयंपाठी) में की
प्रथम अध्यापन कार्य शुरुआत 2006में टैगोर उच्च माध्यमिक विद्यालय पीलीबंगा गांव(पीलीबंगा), 2008-2009 अध्यापन कार्य बीएल नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीलीबंगा, टैगोर पीजी कॉलेज सूरतगढ़ में 2012-13में और
भाटिया आश्रम में सेवाएं 2011-12 से 2017 तक अपनी सेवाएं दी। भाटिया आश्रम में सेवाओं के दौरान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तक लेखन कार्य भी किया।
चयन-2016 प्राध्यापक हिंदी पद रैंक 1770 में हुआ।
2016 असिस्टेंट जेलर रैंक ऑल राजस्थान 29 रैंक पर फाइनल चयन हुआ।
प्रथम पदस्थापन 27.06.2017
विद्यालय-राउमावि टेकन लसाडिया उदयपुर में हुआ।
पद-प्राध्यापक हिंदी, उपरांत राउमावि 30 एपीडी अनूपगढ़ में कार्यवाहक संस्था प्रधान के रूप में सेवाएं प्रदान की उपरांत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 26 पीबीएन पीलीबंगा हनुमानगढ़ में प्रधानाचार्य का पद रिक्त होने के चलते वरिष्ठता के आधार पर कार्यवाहक प्राचार्य का पद संभाला। वर्तमान में वे हिंदी के व्याख्याता है और बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं । गुरसेवक सिंह 2018 से पूनम फाउंडेशन ट्रस्ट के निःशुल्क शिक्षा अभियान से जुड़कर आर्थिक सहयोग कर बच्चों को स्टेशनरी और निःशुल्क मोटिवेशन मार्गदर्शन कर रहे हैं।
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